Complaint regarding excess meter reading and billing on the bill dated 8/5/2017 Karnal - Jago Grahak Jago

Complaint regarding excess meter reading and billing on the bill dated 8/5/2017


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Jago Grahak Jago Complaint ID : JGJN030346   63  

Electricity Board Complaint  Complaint date : January 19, 2018
  • Region :  Haryana
  • City :  Karnal
  • Address: D-27, NDRI, Campus,

Complaint Against / To : SDO, L-11 City Karnal UHBVN, Karnal

मेरे पहले आवेदन की तिथि 12/6/17 (संलग्न) को अनुस्मारक मेरा दोबारा यह अनुरोध है कि
उपविभाग के संदर्भ में यह बिजली बिल खाता संख्या 6709810000 है एल.1-सिटी करनाल, नंबर एल 11 सीडी 17498. दिनाकं 25/12/15 से 30/4/17 की अवधि में, नीचे दिए गए विवरण के अनुसार बिजली बिल प्राप्त हुआ है।
Sl.No. Meter No Meter Reading Date Period Days Meter Reading consumed unit bill basis Read remark Mtr Sts Bill Amount
Old New Old New
1 2131102UC D174928 25-12-2015 25-02-2016 62 3922 4613 691 OK OK A 4587.28
2 2131102UC D174928 25-02-2016 30-04-2016 65 4613 5420 807 OK OK A 5449.12
3 2131102UC D174928 30-04-2016 30-06-2016 61 5420 0 720 PR RNT A 4824.41
4 2131102UC D174928 30-06-2016 31-08-2016 62 0 0 731 PR RNT A 4897.28
5 2131102UC D174928 31-08-2016 31-10-2016 61 0 0 720 A 4824.41
6 2131102UC D174928 31-12-2016 28-02-2017 59 0 0 733 A 4678.25
7 2131102UC D174928 30-04-2016 30-04-2017 62 5420 15505 10085 OK OK A 82364.91
इस मेहकमे की 0 रीडिगं बिजली का बिल दिनाकं 30/04/16 से 28/02/17 की अवधि में भेजने की कार गुजारी, मे होने वाली चूक, अथवा गलती, अथवा कार्य प्रणाली की विफलता, अथवा जान बूझ कर किसी कर्मचारी द्वारा की गइ चूक, अथवा किसी विशेष आन्तरिक विभागीय नीति, के कारण आकस्मिक दिनाकं 30/04/16 से 28/02/17 की अवधि का बिजली बिल दिनाकं 8/05/2017 मे भेजा गया, जिस की रकम 82364.91 रूपये का, जो कि एक उपभोक्ता होने के नाते बहुत ही चौंकाने वाली राशि है
वास्तविकता तो यह है कि,
यह कार्यालय अभिलेखों से पाया गया है कि आपके निगम के मीटर रीडर स्टाफ ने नियमित रूप से मीटर रीडिंग दर्ज कराई गई है, तदनुसार नीचे दी गई सारणी में आपके कार्यालय के रिकॉर्ड में प्रवेश किया गया है।
Meter No Meter Reading Date Meter Reading consumed unit Approx amount
Old New Old New
2131102UC D174928 30-04-2016 30-06-2016 5420 8629 3209 22463
2131102UC D174928 30-06-2016 31-08-2016 8629 11027 2398 16786
2131102UC D174928 31-08-2016 31-10-2016 11027 13546 2519 17633
2131102UC D174928 31-12-2016 28-02-2017 13546 14430 884 6188
2131102UC D174928 30-04-2016 30-04-2017 14430 14923 493 3451
2131102UC D174928 30-04-2016 30-06-2016 14923 15505 582 4074
ऐसी क्या वजह या मजबूरी निगम की थी कि लगातार 10 महीने दिनाकं 30/04/16 से 28/02/17 की अवधि तक 0 रीडिंग पे औसत बिल भेजते रहे जिससे एक उपभोक्ता होने के नाते मुझ पर धोखा हुआ साथ ही साथ अन्धेरे मे रखा गया वह इस प्रकार है:
कि अगर दिनाकं 30/04/16 से 30/06/17 का बिल वास्तविक रीडिंग के अनुरूप भेजा होता जो कि लगभग 22463.00 रूपये होता तो मै समय रहते आकस्मात मीटर रीडिंग वृद्धि के कारणो जो कि निम्नलिखित है
a. क्यों कि पिछले दस साल के रेकार्ड को खगांला जाऐ तो ये पाया गया कि अधिकतम दो महीने मे 900 युनिट से उपर रीडिगं कभी नही आई तो अचानक 3209 और 2509 की रीडिगं इस बीच कैसे आने लगी और इसी दौरान 0 रीडिग का बिल भी भेजा गया
b. हो सकता है इस दौरान किसी कारणवश मीटर अधिक तेज चल रहा हो या जम्प करता हो
c. हो सकता है इस दौरान कहीं करेंट का रिसाव हो रहा हो तथा कई और भी कारन हो जो खोजा जा सकता था
d. इस कारण भी निगम पर शक पैदा होता है कि जब तक मेरा करायादार दिनांक 10/2/2016 से 10/02/2017 के बीच मकान मे रहा तब तक 0 रीडिंग आती रही और जिस दिन दिनांक 10/2/17 को मकान खाली करवा लिया उस दिन के बाद दिनांक 30/04/2017 का बिल 82,364.91 का थमा दिया गया।. इससे भी सनशय पैदा होता है कि कहीं न कहीं निगम और करायेदार की मिलीभगत के कारन ईस धटना को अन्जाम दिया गया जो कि गैर कानूनी और गैर ज़िम्मेदाराना है
कारनो का पता लगा कर आगे होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता था पर आप की गलती और गुमराह किये जाने अथवा विशेष नीती के द्वारा उपभोगता को 0 रीडिंग पर अंधेरे मे रख कर अधिक बिजली खपत करवा कर अधिक से अधिक वसुला जाए, के नीति के कारण मुझे सम्हलने के मैके से वन्चित रखा गया तथा नुकसान उठाने पर मजबूर किया गया
मेरा मानना है कि विक्रेता द्वारा उपभोक्ता पर एक असाधारण मंत्रणा के द्वारा धोखा है जिसे 0 रीडिगं प्रणाली के द्वारा अमल मे लाया गया
निगम की ख़ामी या गलती के कारण मै उपभोक्ता दण्ड का भागीदार नही हूँ

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